अर्चना वर्मा अर्चना वर्मा की कविताएँ

Archana Varmaअर्चना जी ने दिल्ली विश्वविद्यालय के मिराडाँ कालेज में हिन्दी पढ़ाया है (अब वह कालेज से सेवानिवृत हैं). इसके अलावा वह हिन्दी की जानी मानी पत्रिका हँस तथा कथादेश के सम्पादन में भी बहुत समय तक सहयोगी रही हैं. कल्पना मे प्रस्तुत हैं अर्चना वर्मा की कुछ कवितायें व लेखन.

कवितायें

कुछ अन्य कवितायें जो कि दो कविता संग्रहों से ली गयीं हैं. पहला कविता संग्रह है 1981 में अक्षर प्रकाशन द्वारा प्रकाशित "कुछ दूर तक" और दूसरा कविता संग्रह है 1993 में वाणीं प्रकाशन द्वारा प्रकाशित "लौटा है विजेता".

दर्शक दीर्घा में नया साल - (1 जनवरी 2014)

आशीर्वाद (मारको तुषार और आत्मप्रभा के विवाह पर, 2006)

नानी के लिये एक कविता

सौख

राजद्रोह

पहरा

शोक गीत

जाती बरसात का इंद्रधनुष

दिल्ली 1984

आलेख

औरत की आज़ादी बनाम मरदाना कमज़ोरी

पढ़ना प्रेमचंद को बार बार : पहली बार की तरह

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